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रविवार, 3 अगस्त 2014

क्या दीर्घायु हो सकेगा मानव ?

अरविन्द दुबे 
विज्ञान की प्रगति के साथ संक्रमण में कमी आई है, स्वच्छता बढ़ी है, रोगों के निदान मिले हैं फलस्वरूप मानव की औसत आयु में आशातीत वृद्धि हुई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इन सबके सहारे मानव की औसत आयु को 80 वर्ष से ऊपर नहीं बढ़ाया जा सकता है। जैव प्रौद्योगिकी के सहारे इन सबका हल निकालने के प्रयास जारी हैं। आयु के साथ-साथ होने वाले शारीरिक परिवर्तनों को जीन के स्तर पर समझने के प्रयास जारी हैं। कोलराडो और कैलिफोर्निया  विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों नें फलों वाली मक्खी व केंचुये की प्रजाति के जीवधारियों में ऐसे जींस की पहचान कर ली है जो इन साधारण जीवधारियों का जीवनकाल बढ़ा सकते हैं। उन्होंने इन्हें एज-1 , एज-2 व डेफ-2 नाम दिया है। इन जींस के साथ प्रयोग करके वे इन साधारण जीवधारियों की आयु बढ़ाने में कामयाब भी हुए हैं। ये जींस सम्भवतया कोशिका के अंदर ऑक्सीकरण की गति को प्रभावित करते हैं। मानव में इस प्रकार के 70 जींस की पहचान कर ली गई है , अब उन पर अध्ययन जारी है
वैज्ञानिकों ने हर कोशिका के अन्दर एक जैव घड़ी की परिकल्पना की है। इसके अनुसार यह निश्चित होता है कितने विभाजन के पश्चात् कोई कोशिका अंतत: मर जाएगी। उदाहरण के लिए मानव त्वचा की कोशिकाएं करीब 50 विभाजनों के पश्चात मर जातीं हैं। कैलिफोर्निया  के जेरोन कॉरपोरेशन के वैज्ञानिकों ने टीलोमरेज नामक एंजाइम का प्रयोग करके मानव त्वचा की इन कोशिकाओं का जीवन काल 100 विभाजन से अधिक तक बढ़ाने में सफलता प्राप्त कर ली है।
हो सकता है कि हमारी आने वाली पीढ़ियों की औसत आयु 100 वर्ष से भी अधिक हो।

1 टिप्पणी:

  1. दिर्घ्यायु सम्बंधित जींसकी खोज से निसंदेह एक दिन मानव को दीर्घायु बनाया जा सकेगा या उसकी उम्र में वृद्धि की जा सकेगी इस नयी जानकारी को प्रदान करने हेतु आपको बहुत बहुत बधाई

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